क्या है इस तस्वीर के पीछे का सच
आजकल लोग सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल अपने हर तरह के विचार व्यक्त करने के लिए कर रहे हैं. विभिन्न विशेषज्ञ ही नहीं आम लोगों की अलग-अलग विषय पर अपने विचार समाज के सामने रखते हैं. स्वास्थ्य, खेल, सैक्स, राजनीति, मनोरंजन, धर्म, देश-विदेश, परिवार और यहां तक की अपनी दैनिक जीवन की घटनाओं को भी लोग सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डाल देते हैं. लेकिन यहां एक खतरनाक बात यह भी है कि कुछ कुंठित और संकुचित विचारों वाले कट्टरपंथी लोग भी अपने एकपक्षिय विचार यहां व्यक्त करते हैं और इन विचारों का प्रभाव समाज पर भी होता है. इन लोगों के अपने विचार व्यक्त करने तक तो ठीक है किंतु यह इन साइटों का प्रयोग अफवाहें फैलाने के लिए भी करते हैं.
कहीं से कोई भी तस्वीर उठाकर एक मनगढ़ंत कहानी बनाते हैं पर उस तस्वीर को इसका सबूत कहकर लोगों को भड़काने का प्रयास करते हैं. इसके लिए भी whatsapp, फेसबुक, ट्विटर इत्यादि साइटों का प्रयोग करते हैं.
तस्वीर के द्वारा फैलाई जा रही अफवाह
तस्वीर के द्वारा फैलाई जा रही अफवाह
हाल ही में facebook और whatsapp पर शेयर की जा रही एक तस्वीर सामने आई जिस पर लिखा था कि "कश्मीर में 8 हिंदुओं को मुसलमानो ने जिंदा जला दिया, जागो." और नीचे यह तस्वीर दिखाई गई थी जिसमें दो लोगों के मृत शरीर चल रही है और आस-पास भीड़ खड़ी है. नीचे यह तस्वीर है किंतु तस्वीर बहुत अधिक विभाग होने के कारण हमने इसके कुछ भागों को छिपा दिया है.
तस्वीर की सच्चाई
यह तस्वीर 16 मई 2008 को एक वेबसाइट पर छपी थी, और ख़बर यह थी कि पाकिस्तान के कराची शहर में, निस्तार रोड क्षेत्र में क्रुद्ध भीड़ ने कुछ लुटेरों को पीटा, मारा और जला दिया. यह घटना 14 मई की थी. किंतु इस तस्वीर को कुछ लोग अफवाहें फैलाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं. सभी पाठकों से अनुरोध है कि इस तरह के संदेशों पर ध्यान ना दें एवं अपने विवेक से काम लें. क्योंकि इस तरह के संदेश या इस तरह के समाचार वही लोग फैलाते हैं जिन्हें समाज में अशांति फैलाने पर लाभ होता है. भ्रमित ना हों, सावधान रहें, जागरुक रहें.
जय हिन्द.




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