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कैसे बनाएं होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंग

कैसे बनाएं होली खेलने के लिए प्राकृतिक रंग
होली से पहले ही कई लोगों को इस बात की चिंता सताने लगती है कि कहीं कोई उन्हें ऐसा रंग लगा दे जो उनती त्वचा को नुक्सान पहुंचा दे. कुछ लोगों को तो इन रंगों से इतनी ज़्यादा एलर्जी हो जाती है कि उनका चेहरा ही बिगड़ जाता है और उन्हें डॉक्टर के पास जाना पड़ जाता है. ऐसे में हर कोई ये चाहता है कि होली में प्राकृतिक या जड़ी बूटियों से बना रंग प्रयोग किया जाए.

 तो आज हम आपको यहाँ बताने जा रहे हैं कि इस तरह के प्राकृतिक रंग आप घर में किस तरह बना सकते हैंरंग

लाल रंग
(देसी गुलाब के फूलों से)
देसी गुलाब के फूलों को पीस कर उसमें ज़रूरत के हिसाब से पानी मिला लें. ये रंग आपकी त्वचा को कोई नुक्सान नहीं पहुंचाएगा. लेकिन याद रहे कि सिर्फ देसी गुलाब ही रंग छोड़ते हैं, इसलिए इसी से रंग बनाएं.

हल्का पीला रंग
(गेंदे के फूलों से)
पहले गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों को तोड़कर अलग कर लें. अब इन पत्तियों को मसल कर पानी में डाल लें और सारी रात भीगा रहने देंं. सुबह इस रंग को छानकर आप होली खेलने के लिए प्रयोग कर सकते हैं.

हरा रंग
(पालक या मेहंदी के पत्तों से)
हरा रंग बनाने के लिए पालक या मेहंदी के पत्तों का प्रयोग किया जा सकता है. पालक या मेहंदी के पत्तों को पहले अच्छी तरह से मसल लें उसके पश्चात इन पत्रों को रात भर पानी में भीगा रहने दें. यह पानी हरे रंग का हो जाएगा. इस पानी को छानकर होली खेलने के लिए प्रयोग करें.

संतरी रंग
( पीला और लाल रंग मिलाकर इसे संतरी रंग बना सकते हैं)

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