ग्रैंडमास्टरशिप से मिला आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग
रेकी
के जीवन में आते ही मेरा जीवन पूर्णतः परिवर्तित हो गया. मेरे जीवन में
अध्यात्म तो पहले से ही था किन्तु जैसे जैसे मैं रेकी के मार्ग पर आगे
बढाती गयी, आध्यात्मिकता का मार्ग प्रशस्त होता गया. मैं निरंतर सकारात्मक,
स्वस्थ और समृद्ध होती चली गयी. अपने जीवन में इस विकास के लिए मेरा
गुरूजी-गुरुमां के चरणों में शत-शत नमन.
डा. पार्वती बाई शर्मा
मो: +९१ ९८१५ **** *३७
(स्रोत: रेकी हीलिंग फायुंडेशन द्वारा प्रकाशित समाचार पत्रिका
वंडर्स ऑफ रेकी - मई २०११ संस्करण)

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